आप बताएँ क्या हैं आपके न्यू ईयर ट्रैवल रेजोल्यूशंस

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Travelling resolutions

दोस्तों नया साल बस कुछ ही दिनों की दूरी पर बाहें फैलाए खड़ा है। नया साल यानी कि अपनी पिछली गलतियों से सीख लेकर उन्हें सुधारने का मौका। तो, नये साल में बतौर पर्यटक कैसे अपनी पिछली गलतियों से सीख लेकर ऐसे अनोखे टूरिज्म फ्रेंडली रेजोल्यूशंस लिए जाएं जिससे न सिर्फ हमारा भला हो, बल्कि इसका फ़ायदा हर एक ट्रैवलर को मिले। पढ़िए और अगर संभव हो तो अमल भी कीजिये हमारे बताए इन न्यू ईयर ट्रेवल रेजोल्यूशंस पर…

प्लास्टिक से बनी चीजों का कम से कम इस्तेमाल-

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हम सब जानते हैं कि प्लास्टिक और उसके द्वारा बनाये गए प्रोडक्ट्स हमारे और हमारे पर्यावरण के लिए काफी हानिकारक हो सकते हैं, मगर हम चाहकर भी इनसे बच नहीं पाते। ऐसे में बतौर पर्यटक चलिए एक संकल्प लेते हैं कि आने वाले वर्ष से हम अपने ट्रैवल के दौरान या फिर रोजाना की जिंदगी में भी प्लास्टिक से बनी चीजों का कम से कम इस्तेमाल करेंगे।

धूम्रपान से खुद को रोकेंगे- 

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धूम्रपान ज़्यादातर टूरिस्ट की जीवनशैली का आम हिस्सा बन चूका है। मगर क्या ये किसी भी तरह से सही है, शायद नहीं? तो क्यों न नववर्ष में एक नया रेजोलुशन धूम्रपान कम करने का लिया जाए? क्यों न न्यू ईयर की पार्टी या फिर अपने आने वाले ट्रैवल प्लांस को तैयार करते वक़्त शराब, सिगरेट के इस्तेमाल को नज़रंदाज़ करने के तरीके खोजे जाए? क्या जो लोग शराब-धूम्रपान का सेवन नहीं करते वो अपने ट्रैवल को एन्जॉय नहीं करते? क्या आपको पता है कि आपके द्वारा पी गई सिगरेट न सिर्फ आपके लिए हानिकारक है बल्कि पैसिव स्मोकिंग का असर आपके आसपास मौजूद लोगों पर भी पड़ता है।

नहीं करेंगे गंदी बात-

Travelling guidance

अक्सर ऐसा पाया गया है कि कुछ टूरिस्ट पर्यटन स्थलों पर जान बूझकर ऐसी हरकतें करते हैं जिससे की स्थानीय लोग नाराज़ हो जाते हैं। जैसे कि स्थानीय लोगों की भाषा-बोली, संस्कृति आदि का मज़ाक उड़ाना या फिर किसी अन्य प्रकार के विवादित कामों को अंजाम देना जिससे की तनाव उत्पन्न हो। कोशिश कीजिये की ऐसा न करें। रेजोलुशन लीजिये कि अब से ऐसी हरकतें नहीं करेंगे। जहाँ भी घूमने जाएंगे वहाँ की संस्कृति, बोली-भाषा का सम्मान करेंगे और स्थानीय लोगों संग सम्मानजनक व्यवहार करेंगे।

जल ही जीवन है

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हम सबको पता है कि पानी तेज़ी से घट रहा है। पिछली गर्मियों में शिमला के स्थानीय लोगों द्वारा पर्यटकों से शिमला न आने की अपील भी गई थी। दरअसल वहाँ पानी की इस कद्र कमी हो गई थी कि स्थानीय निवासियों ने मुख्यमंत्री के घर तक का घेराव कर दिया था। कईं होटल्स को अपनी बुकिंग्स कैंसिल करनी पड़ीं थीं और हिमाचल हाईकोर्ट को इस मामले में दखलंदाज़ी तक करनी पड़ी थी। ऐसे में बतौर पर्यटक ये हम सबकी ज़िम्मेदारी है कि हम जहाँ भी घूमने जाएँ, पानी की बर्बादी न करें एवं अन्य पर्यटकों को भी इस बावत जागरूक करें।

ऐसी रफ़्तार जानलेवा है-

Avoid speed driving

मीडिया में आए दिन ऐसी दु:खद ख़बरें आती रहती हैं कि अमुक स्थान पर पर्यटकों की गाड़ी तेज़ रफ़्तार के कारण दुर्घटनाग्रस्त हो गई। ऐसी घटनाओं में अक्सर कई लोगों की जान चली जाती है तो कईयों को किसी और तरह का नुकसान उठाना पड़ता है। तेज़ रफ़्तार से वाहन चलाना तो वैसे भी नासमझी ही है। फिर अपने ट्रिप के दौरान इस तरह का ज़ोखिम उठाना तो किसी भी मायने में समझदारी नहीं मानी जा सकती। तय कीजिये की अपने सफ़र का मज़ा कभी तेज़ रफ़्तार के चक्कर में नहीं गवाएंगे। ड्रिंक एंड ड्राइव की तो कभी सोचेंगे भी नहीं।

ये एडवेंचर टूरिज़्म नहीं है-

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एडवेंचर टूरिज़्म पर्यटन क्षेत्र की एक व्यवस्थित श्रेणी है मगर कुछ पर्यटक अपने हर ट्रैवल को एडवेंचर टूरिज़्म ही बना देते हैं। ऐसे लोग जहाँ जाते हैं वहाँ मौजूद दिशा-निर्देशों को नकारकर खतरा मोल लेने में अपनी बहादुरी समझते हैं। ये हर डेंजर साइन बोर्ड को धता बताकर अपनी ही चलाने की कोशिश करते हैं जबकि ऐसी हरकतें अक्सर जानलेवा साबित होती हैं। अभी कुछ ही दिन पहले एक विदेशी टूरिस्ट ने अंडमान द्वीप समूह स्थित प्रतिबंधित टापू पर जाने की गलती की थी, जिसका परिणाम उसे अपनी जान गँवाकर भुगतना पड़ा था।

इसके अलावा भी हर पर्यटन स्थल पर ऐसी गाइडलाइन्स लिखी होती हैं जिनका बतौर पर्यटक हमें पालन करना चाहिए जैसे कि नदी, झील या तालाब में कितने आगे तक जाना सुरक्षित है। जाने की इजाज़त है भी कि नहीं? जंगल, गुफाओं रहस्मय जगहों एवं पहाड़ों पर कब और कैसे जाना चाहिए आदि।

ऐसे सार्वजनिक दिशा-निर्देशों का पालन करना हमारी ज़िम्मेदारी है। अगर आप भी उन ज़ोखिम लेने वाले ट्रैवलर्स में से हैं तो अभी भी वक़्त है, छोड़ दीजिये ऐसे रिस्क लेना। बाक़ी अगर एडवेंचर टूरिज़्म जैसे कि बंजी जंपिंग, रिवर राफ्टिंग, हिल्स ट्रेकिंग का ही शौक़ है, तो कैलकुलेटिव रिस्क लें। ऐसा करते वक़्त सुरक्षा गियर ज़रूर पहनें और किसी ट्रेंड प्रोफेशनल अथवा एक्सपर्ट कोच की निगरानी में ही एडवेंचर टूरिज़्म का लुत्फ़ उठायें। ताकि आप अपने सफ़र का भरपूर आनंद ले सकें, और किसी भी तरह कि हानि से भी बच सकें।

और पढ़ें-  बात पते की                               सफ़र से सीखें

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