Insights into simplifying train travel

ऐसा भी होता है!

हर यात्रा का अपना एक अलग अनुभव होता है। कभी मीठा, कभी कड़वा, और कभी-कभी तो बड़ा ही मज़ाकिया एवं मजेदार। हमारे इस ब्लॉग में हम यात्रा एवं यात्रियों से जुड़े ऐसे ही कुछ अनोखे अनुभवों के बारे में बात करेंगे। बात करेंगे, याद करेंगे ऐसी कुछ रोचक घटनाओं को हमारी यात्रा के एक अलग तरह की स्मृति को। क्योंकि अपनी उस यात्रा के लिए हमने सोचा कुछ था हुआ कुछ और जैसा हुआ वैसे तो सोचा नहीं था।

यही ही वो शख्स है जो मुझे शेरखान से मिलवा सकता है।

Funny travel tales

वैसे तो लगभग हम सभी ने चिड़ियाघर में पिंजड़े में क़ैद शेर, बब्बर शेर देखे है। मगर हर किसी की ख्वाहिश होती है कि वो टाइगर रिज़र्व जाए और खुलेआम घूमता शेर देखे। इसके लिए आप न सिर्फ सही दिन, महीना और वक़्त तय करते है जब जंगल का राजा आपको साक्षात दर्शन दें सके। बल्कि एक मझा हुआ गाइड भी बुक करते है जो आपको अपने अनुभव के किस्से सुना-सुनकर इस बात की पूरी तसल्ली करवा देता है कि इस दुनिया में वो ही एक अकेला शख्स है जो आपको शेरखान से मिलवा सकता है। मगर होता क्या है, दिन-रात ओपन जीप पर बगुले की तरह गर्दन लम्बी किये, दूरबीन से दूर-दूर तक झाड़ियों में खोजने के बावजूद वो आपको एक जंगली बिल्ली तक नहीं दिखा पाता।

सुबहसुबह दर्शन करलो फिर तो भीड़ हो जाएगी।

Temple Darshan Tips

अक्सर ऐसा देखा गया है कि जब लोग किसी प्रसिद्ध धार्मिक स्थल के दर्शन करने जाते है, जहां बहुत ज्यादा भीड़ होती है। तब बड़ी चालाकी से खुद के लिए ये प्लान बनाते है कि सुबह-सुबह भगवान जी से मिल लेते है। उस वक़्त वो खाली होते है, भीड़ नहीं होती। मगर होता क्या है, आज कल तो सब लोग चालाक है सब सेम-सेम प्लान बना लेते हैं। और फिर आपको सुबह-सुबह भी लम्बी लाइन में लगना पड़ता है। तब आपके मुँह से जो बात निकलती है ‘हे भगवान जी अगर सुबह-सुबह भी लाइन लगवानी थी तो फिर नींद क्यों ख़राब करवाई?’

इतने कम दाम में ऐसा रूम, ‘अभी बुक करता हूँ’ ।

Hotel Service

आजकल घूमने फिरने जाने से पहले होटल रूम बुक कर लेने का चलन काफी बढ़ चुका है। लोग इंटरनेट की सहायता से अपनी सुविधाओं वाला होटल मिनटों में बुक कर लेते है। मगर इसमें कभी कभी होटल्स की तरफ से काफी चालाकी की जाती है खासकर उनके होटल रूम्स एवं अन्य सुविधाओं से जुड़ी तस्वीरों में। अभी कुछ दिनों से सोशल मीडिया, मेंनस्ट्रीम मीडिया में एक विदेशी पर्यटक की स्टोरी काफी ट्रेंड कर रही है। जेनी केशों नामक एक पर्यटक ने वियतनाम का एक होटल रूम उसका टेरिस पूल देखकर बुक किया था। जेनी की तमन्ना थी कि वो अपनी छुट्टियों में होटल के पूल में जमकर मस्ती करेगा। मगर जब वो अपने सपनों के स्विमिंग पूल के पास पहुंचे तो वहां कोई स्विमिंग पूल था ही नहीं। बल्कि वहां एक हॉट टब था। जिसकी तस्वीरों को बड़े ही तरीके से खींचकर वेबसाइट में डाला गया था ताकि देखने पर वो एक शानदार स्वीमिग पूल लगे।

यहीं चलों हिडन ट्रैवल डेस्टिनेशन है ये।

Hidden Travel Destination

पिछले कुछ सालों में पर्यटकों के स्वभाव में एक विशेष बदलाव देखने को मिला है। आज कल लोग उन जगहों में अपनी छुट्टियाँ बिताना ज्यादा पसंद करते है जहां कम लोग जाते हो। मतलब पर्यटकों के लिहाज़ से वह शांत, कम भीड़-भाड़ वाली जगह हो। इसके लिए अपने तजुर्बे के अलावा लोग ट्रैवल एजेंट, दोस्त-रिश्तेदारों की राय से एक हिडन ट्रैवल डेस्टिनेशन चुनते है। मगर वहां पहुँचाने पर पता चलता है कि भईया यहाँ बाकि सब भी यही सोचकर आये थे कि इधर चलो शांत जगह है सकून मिलेगा। मगर यहाँ भी मछली बाज़ार बना हुआ है यार।

अगली बार बर्फ घर से लेकर आऊंगा।

Snow Fall

सफ़ेद चमचमाते बर्फ के पहाड़ों, मैंदानों की सैर भला किसे पसंद नहीं होती। हम में से हर कोई कभी न कभी ऐसी ही जगहों जाकर स्नो फॉल के वक़्त मस्ती करना चाहता है। मगर स्नो फॉल तो कुदरत की देन है हालाँकि इसका एक मुकर्रर वक़्त होता है मगर फिर भी कुदरत तो कुदरत है वो आपकी मर्ज़ी से तो शिमला, मनाली में बर्फबारी शुरू नहीं कर देगी न। इसके लिए यहाँ जाने वाले पर्यटक सारे रास्ते भगवान् से मनाते जाते है कि ‘भगवान जी प्लीज् स्नो फॉल कर देना बस हम शिमला पहुँचाने ही वाले है’ मगर जब वहां पहुंचाते तो पता चलता है कि अभी आपके आने से पहले तो हो रही थी बस अभी-अभी बंद हुई, इंतज़ार कीजिये शायद फिर हो थोड़ी देर में। और ये इंतज़ार पूरी छुट्टियाँ  निगल जाता है मगर भगवान् जी आपकी रिक्वेस्ट पूरी नहीं करते। कई बार तो जैसे ही आप वापसी के लिए निकलते है ठीक उसी समय स्नो फॉल दोबारा से शुरू हो जाती है।

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